उत्तर प्रदेश: प्रदेश के कई इलाकों में गुरुवार से हो रही बारिश ने मौसम का मिजाज बदल दिया है। तेज हवाओं और बारिश के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और लोगों को ठंड का अहसास होने लगा है। खासकर सुबह और शाम के समय ठंड का असर अधिक महसूस हो रहा है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके चलते तापमान में और गिरावट आने की संभावना है।
गुरुवार को दोपहर बाद कई इलाकों में तेज हवा के झोंकों के साथ बारिश हुई। इस दौरान हवा की रफ्तार करीब 30 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई। बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान अर्णव को मौसम में आए इस बदलाव की वजह बताया जा रहा है। मौसम विभाग ने इसे अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान की श्रेणी में रखा है।
गुरुवार को यह तूफान कमजोर होकर अवदाब में बदल गया और छत्तीसगढ़ तथा ओडिशा के सीमावर्ती इलाकों के ऊपर पहुंच गया। यह तेजी से उत्तर दिशा की ओर बढ़ रहा है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, शुक्रवार को इसका असर उत्तर प्रदेश में अधिक दिखाई दे सकता है।
आज घने बादलों के साथ तेज बारिश का अनुमान
मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को प्रदेश के कई हिस्सों में बादलों की आवाजाही रही, जबकि शुक्रवार को घने बादल छाए रहने की संभावना है। दिन में दो या इससे अधिक बार तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। इस दौरान हवा की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने का अनुमान है।
चक्रवाती तूफान के असर से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में कहीं देर रात से तो कहीं सुबह से रुक-रुककर बारिश होती रही। नम और ठंडी हवाओं के चलने से तापमान में गिरावट आई है। मौसम में अचानक आए बदलाव के कारण लोगों ने गर्म कपड़े निकालने शुरू कर दिए हैं।
धान की तैयार फसल को लेकर किसानों की बढ़ी चिंता
बारिश और ठंडी हवाओं से जहां गर्मी और उमस से परेशान लोगों को राहत मिली है, वहीं खेतों में पककर तैयार धान की फसल को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई है। तेज हवा और बारिश की आशंका के बीच किसान अपनी उपज को सुरक्षित रखने में जुटे हैं।
मौसम खराब रहने के कारण बाजारों में भी सामान्य दिनों की तुलना में कम चहल-पहल देखने को मिली। बारिश और ठंडी हवाओं का असर खेती-किसानी से लेकर बाजार की गतिविधियों तक पर दिखाई दिया।
आपदा विभाग की ओर से भी चक्रवाती तूफान के कारण मौसम में बदलाव को लेकर पूर्वानुमान जारी किया गया है। किसानों को उम्मीद है कि मौसम जल्द साफ होगा, ताकि वे पक चुकी धान की फसल को सुरक्षित घर पहुंचा सकें और आगामी बुवाई का काम समय पर पूरा कर सकें।
